Friday, March 18, 2011

रंग बरसे



होली आने में दिवस बचे

 रंगों की फुहार चली आई ।


हम बाट जोहते कान्हा की
राधा रंग लिए चली आई ।


है मेला रंग, गुलालों का
जज्बातों का, मनुहारों का ।


भांग घोटते , गाते रसिया
थिरक रही गोरी मनबसिया ।


होली मिलन की है तैयारी
मस्ती में झूम रहे नर-नारी ।


है आस मुझे, रंग दूं प्रिय को
लाज, हया तज, अंग लगूं प्रिय के ।


रंग, अबीर सब और, धूम है भारी
चाहे भीगे धानी चुनरिया या फिर भीगे साड़ी । 

31 comments:

  1. बहुत सुन्दर रचना!
    --
    उनको रंग लगाएँ, जो भी खुश होकर लगवाएँ,
    बूढ़ों और असहायों को हम, बिल्कुल नहीं सताएँ,
    करें मर्यादित हँसी-ठिठोली।
    आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।
    --
    होलिकोत्सव की शुभकामनाएँ!

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  2. होलिकोत्सव की शुभकामनाएँ!

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  3. होली मिलन की है तैयारी
    मस्ती में झूम रहे नर-नारी ।
    holi ka drishya upasthit ker diya aapne- shubhkamnayen

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  4. होली की मनमोहक प्रस्तुति। होली की हार्दिक शुभकामनायें।

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  5. हम बाट जोहते कान्हा की
    राधा रंग लिए चली आई ।

    है मेला रंग, गुलालों का
    जज्बातों का, मनुहारों का ।
    Bahut pyaree rachana!

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  6. होली का मस्ती भरा माहौल।

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  7. मस्त फुहारें लेकर आया,
    मौसम हँसी-ठिठोली का।
    देख तमाशा होली का।।
    --
    होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

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  8. रंगों का त्यौहार बहुत मुबारक हो आपको और आपके परिवार को|

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  9. होली क रंग में रंगा पोस्ट।
    होली है!!

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  10. होली की शुभकामनायें...... हैप्पी होली

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  11. सुन्दर रचना ....
    आपको होली की शुभकामनाये
    ...

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  12. सुन्दर रचना!
    आपको और आपके परिवार को होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

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  13. हम बाट जोहते कान्हा की
    राधा रंग लिए चली आई ...

    बहुत खूब ... अच्छा लिखा है ... राधा रंग लाई है तो कृष्ण ज़रूर आएँगे ...
    बहुत बहुत मुबारक हो रंगों का त्योहार ...

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  14. होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

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  15. dhanyvaad.!
    P.S.Bhakuni

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  16. सुन्दर रचना| धन्यवाद|

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  17. होलिका आने के पूर्व स्वागत गीत उत्तम

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  18. नव-संवत्सर और विश्व-कप दोनो की हार्दिक बधाई

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  19. हम बाट जोहते कान्हा की
    राधा रंग लिए चली आई ।
    है मेला रंग, गुलालों का
    जज्बातों का, मनुहारों का ।...

    शब्द-शब्द फागुनमयी सुन्दर अभिव्यक्ति हैं ...हार्दिक बधाई

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  20. बंधुवर!
    "डंडा" संत स्वभाव की, यही मुख्य पहचान।
    बीज सदा परमार्थ के, करते रहते दान॥
    ===========================
    आपकी प्रभावोत्पादक रचना के लिए साधुवाद!
    सद्भावी -डॉ० डंडा लखनवी

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  21. होली के रंग में रंगा गीत बहुत अच्छा लगा...अब कुछ और पोस्ट करिए...और आप भी आइए...

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  22. होली के रंगों जैसी सुन्दर रचना। बधाई।

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  23. आपके पास विविधता है शब्द सामर्थ्य है ....उम्मीद है बहुत कुछ बांटेंगी ! शुभकामनायें !

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  24. पहली बार आपके पोस्ट पर आया हूं।रचना अच्छी लगी।मेरे पोस्ट पर आपका स्वागत है।

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  25. होली पर आपने शानदार लिखा. अब और भी लिखें..

    दुनाली पर देखें
    चलने की ख्वाहिश...

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  26. sundar bhaav chitr prastut kiyaa hai kavitaa me .
    veerubhai

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  27. बहुत सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ आपने लाजवाब रचना लिखा है जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

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  28. वाकई बहुत सुंदर भाव और अभिव्यक्ति

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