मेरे भाव

Monday, January 18, 2010

कासे कहूँ

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लिखने जो बैठे , अक्षर धुंधला गए क्या लिखें, किस पर लिखें हम ये धोखा खा गए । भाव कुछ आता नहीं ठेंगा दिखाती है लेखनी पेपर भी है मायूस मेरी जुब...
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Thursday, January 14, 2010

जन्मदिन मुबारक

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शुभ प्रभात , शुभ बेला आज का दिन कितना अलबेला आज तुम्हारी सालगिरह है लगा दुआओं का मेला । सब कहते हैं, खूब जियो आगे बढ़ो , बढ़ते चलो दिन दुनी, ...
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Tuesday, January 5, 2010

ऑफिसर

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अफसर एक ऐसा मैंने देखा जैसा न तुमने , न हमने देखा प्रथम दिन जो उठाई शपथ कसम थी निभाए उसे अंत तक । काम ही काम, बस कुछ न सुझाये नियम के पक्क...

सर्दी

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कोहरे के आलिंगन में है भोर ने आँखे खोली चारों ओर देख कुहासा न निकली उसकी बोली । सरजू भैया मिलें कहीं तो उनसे सब बोलो क्यों ओढ़े हो बर्फ रजाई ...
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Thursday, December 31, 2009

नया साल आया है

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दुल्हन सा बैचैन मन जागा सारी रात नए वर्ष के द्वार पर आ पहुंची बारात । शहनाई पर 'भैरवी' छेड़े कोई राग या फूलों पर तितलियाँ लेकर उड़ीं...
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Tuesday, December 29, 2009

नए साल की लख लख वधाई

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धवल दूध सा उज्जवल मुख घुंघराली लट है खेल रही नैनो में छाई है शोखी मुस्कान अधर पर तैर रही । तुम हो प्रियतम मेरे कहते आती है लाज मुझे मैं ...
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Wednesday, December 23, 2009

बधाइयाँ

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अहो। देखे कितने वसंत आयंगें अनगिनत वसंत उन सबसे सुखकर होगा आने वाला यह वसंत ! दिन दुनी रात चौगुनी सांसे आपके जीवन की सुगन्धित हो बयार हर वेल...
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मेरे भाव
अपने बारे में कहने को कुछ खास नहीं है. दिल्ली में जन्मी, पली बढ़ी, और भारत सरकार की सेवा कर रही हूँ... पढना अच्छा लगता था सो वही से लिखना भी अच्छा लगने लगा.. यदि मन के भावों को , जज्बातों को शब्द देना यदि कविता है, साहित्य है .. तो कविता लिख रही हूँ, साहित्य सृजन कर रही हूं.
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