मेरे भाव
Friday, July 30, 2010
दूरी
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दूरी से पैदा होता है मोह मोह से जन्म लेती है माया माया से बनता है नेह नेह से उत्पन्न होता है प्रेम प्रेम से सृजित होता है नया संसार ऐसी दूर...
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Tuesday, July 27, 2010
सब कुछ लागे नया नया
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हर दिन एक नया सूर्य सुबह अलसाई आँखें मूँद नई धूप है नई रश्मियाँ है नई ओस की बूँद . एहसास तुम्हारा लगे नया न...
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Monday, July 26, 2010
विरह के ताप
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व्याकुल है जग सारा ठौर नहीं है घन दल का मेरा मन भी तड़प रहा सन्देश न आया साजन का । बदरा आये बौछार न आई घुमड़ घुमड़ लौटे बौराए कोई तो उनको रोके ...
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Saturday, July 24, 2010
बेटी हूँ मैं
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धरती के गर्भ में पहले समाती हूँ मैं बड़ी होने से पहले जड़ों से उखाड़ दी जाती हूँ मैं फिर कहीं विस्थापित होती हूँ मैं धान की पौध हूँ मैं बेटी...
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Thursday, July 22, 2010
ओस
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गिरा गगन से जल मोती जमीं पे आके मिला फूल से फूल ने पहले पंख बिठाया फिर अपने उर कंठ लगाया दोनों मिल बतियाने लगे मंद मंद मुस्काने लगे ओस ढुलक...
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Tuesday, July 20, 2010
मिटटी
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मैंने तो बस भेजी थी कच्ची मिटटी तुमने बना दिया उसे कलश जिसमे भरा है शीतल गंगा जल करने को पावन बुझाने को प्यास मिटटी क्या रूप लेगी त...
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Monday, July 19, 2010
भाग रहे हैं हम
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तेज चलती गाड़ी से देखो बाहर भाग रहे होते हैं खेत खलिहान पेड़ पौधे नदी तालाब पहाड़ और इन्तजार कर रही लड़की जैसे छूटी जाती है स्मृति अपनी दुनिया...
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