मेरे भाव
Wednesday, June 30, 2010
गौरैया
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चीं चीं स्वर ने मुझे जगाया भोर हुई गौरैया ने बताया मेरे घर आँगन के कोने लचक डाल पर नीड़ बनाया । तिनका तिनका चुन लाती सजाती अपना रैन बसेरा चू...
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Wednesday, June 23, 2010
सुबह
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रश्मियाँ रक्तिम चटक उठीं उठ मनवा क्यों सोया है कजरारी रतिया बीत गयी किसके सपनों में खोया है । रात सिर्फ एक रात नहीं संवाहक है मीठी यादों की ...
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Monday, June 21, 2010
तस्वीर
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तस्वीर बसी इन आँखों में जिधर देखती तुम ही हो छवि निरंतन तैर रही फिर क्योंकर इतना रूठे हो । गुजर गए कितने सावन तेरी आस में याद नहीं बेकरारी य...
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Tuesday, June 15, 2010
दुआ
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उठे जो हाथ दुआ के लिए उसमें तुम ही तो थे । ईश्वर से माँगा थोड़ा सुकून तुम्हारे लिए ही तो था । झुक गया मेरा सर्वांग तुम्हें और ऊंचा उठाने के ...
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Monday, June 14, 2010
चन्दा
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ऐ चन्दा ! तुम आज रात हमसे मिलने आ जाना चाँदी सी धवल डोरियाँ आँगन में बिसरा जाना । सूनी रातों के साक्षी तुम हमें निहारा करते हो बैरन बदली की ...
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Sunday, May 30, 2010
कोयल
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अमराई के झुरमुट में कोकिल गाये मीठा कितना पथिकों के पद थम जाए आमों में भरती रस कितना । मौसम की पहली बारिश उसकी याद दिलाती है तू क्या जाने पग...
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Friday, May 28, 2010
गृहप्रवेश
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वर्षों के इन्तजार से जूझे गृहप्रवेश का दिन आया एक घरौंदे की आस मुझे आज बहुत मन हर्षाया । तिनका तिनका जोड़ा हमने अपना भी एक घर होगा घर आँगन बग...
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