मेरे भाव

Sunday, May 30, 2010

कोयल

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अमराई के झुरमुट में कोकिल गाये मीठा कितना पथिकों के पद थम जाए आमों में भरती रस कितना । मौसम की पहली बारिश उसकी याद दिलाती है तू क्या जाने पग...
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Friday, May 28, 2010

गृहप्रवेश

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वर्षों के इन्तजार से जूझे गृहप्रवेश का दिन आया एक घरौंदे की आस मुझे आज बहुत मन हर्षाया । तिनका तिनका जोड़ा हमने अपना भी एक घर होगा घर आँगन बग...
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Sunday, May 23, 2010

पहली बार

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आलता लगे पांवों से जब लांघी थी तुमने पहली बार मेरे घर की चौखट लगा था मानो महालक्ष्मी साक्षात् चलकर आई है मेरे आँगन में क्षीरसागर से । रुनझुन...
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Monday, May 17, 2010

तुम्हारी चूड़ियाँ

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तुम्हारी चूड़ियों के जुगनू मुझे रात भर जगाते हैं तुम्हारी आँखों के सितारे मेरे नयनों में झिलमिलाते हैं । आरजुओं की आंधी मुझे उड़ा ले जाती है...
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Thursday, May 13, 2010

लहरों के बीच

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बहती नदिया उद्दात्त वेग संकल्प उन्हें बहा ले जाऊं डूबती उतराती लहरियां उन्हीं में समाहित हो जाऊं । अति गति इन लहरों की अपना अस्तित्व बचाऊं क...
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Sunday, May 9, 2010

नीला नभ

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नीला अम्बर नीलाम्बर का है रस्ता सूरज चंदा का दामन में जुगनू से तारे चमचम करते कितने प्यारे । नीलाभ मनोहारी कितना स्वर्ग सरीखा दिखता है अनुपम...
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Friday, April 30, 2010

तितली

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सतरंगी पालकी पर इठलाती है फिरती है कौन यह अरे !!! ये तो है तितली । किस चित्रकार की तूलिका से निकली फूलों से करती आलिंगन बागों में उड़ती मनचल...
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मेरे भाव
अपने बारे में कहने को कुछ खास नहीं है. दिल्ली में जन्मी, पली बढ़ी, और भारत सरकार की सेवा कर रही हूँ... पढना अच्छा लगता था सो वही से लिखना भी अच्छा लगने लगा.. यदि मन के भावों को , जज्बातों को शब्द देना यदि कविता है, साहित्य है .. तो कविता लिख रही हूँ, साहित्य सृजन कर रही हूं.
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