मेरे भाव

Friday, March 23, 2012

सैनिको के खाने का डिब्बा

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(इन दिनों मैं रक्षा मंत्रालय में पदस्थापित हूँ. यहाँ सुरक्षा में तैनात सेना के जवानों , केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों  के लिए खान...
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Wednesday, February 22, 2012

मोम

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      मोम की गुड़िया बनाई विधना ने अपने हाथ फिर उसकी की बिदाई   देकर किसी का साथ   कोमल वह सकुचाई सी आगे था सारा संसार चले जरा शरमाई सी क...
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Friday, February 17, 2012

ओस

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  बन  ओस की निर्मल बूँद बरस गए मेरी बगिया हर पंखुरी आँखें मूँद   करती आपस में बतियाँ   भोर हुई आया अरुणाभ चुन चुन उनको ले भागा सुन्दर , शी...
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Friday, February 10, 2012

सृजन के बीज

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अपने आँगन की क्यारी में बीज सृजन के मैंने बोये गर्भ गृह में समा गया क्या सोच सोच कर मन रोये । एक सुबह देखा मैंने पाषाण धरा को चीर बाती...
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Saturday, January 28, 2012

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  आया वसंत मेरे गाँव  शीत की प्रीत छोड़  धूप ने बढ़ाये पाँव  ठिठुरन से मुख मोड़  आया वसंत मेरे गाँव  खिल उठी हैं रश्मियाँ  लुटा रही स्वर्ण ...
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मेरे भाव
अपने बारे में कहने को कुछ खास नहीं है. दिल्ली में जन्मी, पली बढ़ी, और भारत सरकार की सेवा कर रही हूँ... पढना अच्छा लगता था सो वही से लिखना भी अच्छा लगने लगा.. यदि मन के भावों को , जज्बातों को शब्द देना यदि कविता है, साहित्य है .. तो कविता लिख रही हूँ, साहित्य सृजन कर रही हूं.
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