मेरे भाव

Monday, November 28, 2011

किताब

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किताब के पन्नों को पलटते हुए ये ख्याल आया यूं पलट जाए जिन्दगी सोचकर रोमांच हो आया । ख्वाबों में जो बसते हैं सम्मुख...
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Tuesday, November 22, 2011

कटी पतंग

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पतंग की तरह लगता है  अपना भी जीवन .   पतंग तय नहीं करती अपनी दिशा हवा का रुख ही करता है विवश निश्चित दिशा की ओर उसकी उड़ान ...
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Sunday, November 13, 2011

तुलसी

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चित्र साभार  गूगल  तुलसी सूरज की आग तपे  आंधी की भी  मार सहे   जब आये बौराया बादल  उसकी भी बौछार गहे तिलक लगाते वंदन करते  हर रोज परि...
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Tuesday, October 25, 2011

कैसे दीप जलाऊं मैं

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चहुँ ओर तिमिर का घन कैसे दीप जलाऊं मैं कुछ छंट जाये होवें कम थोड़े जुगनू ले आऊं मैं ममता की आँखें पथराई कैसे दीप जलाऊं मैं...
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Friday, May 20, 2011

सृजन के बीज

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अपने आँगन की क्यारी में बीज सृजन के मैंने बोये गर्भ गृह में समा गया क्या सोच सोच कर मन रोये । एक सुबह देखा मैंने पाषाण धरा को चीर बाती सा...
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Friday, March 18, 2011

रंग बरसे

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होली आने में दिवस बचे   रंगों की फुहार चली आई । हम बाट जोहते कान्हा की राधा रंग लिए चली आई । है मेला रंग, गुलालों का जज्बातों का, मन...
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Wednesday, January 26, 2011

महापर्व

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लोक तंत्र का महापर्व गणतंत्र की है पहचान मस्तक पर भर देता गर्व सैनिकों का अनुपम बलिदान जन जन ने गीता कहा नर नारी का हो सम्मान सं...
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मेरे भाव
अपने बारे में कहने को कुछ खास नहीं है. दिल्ली में जन्मी, पली बढ़ी, और भारत सरकार की सेवा कर रही हूँ... पढना अच्छा लगता था सो वही से लिखना भी अच्छा लगने लगा.. यदि मन के भावों को , जज्बातों को शब्द देना यदि कविता है, साहित्य है .. तो कविता लिख रही हूँ, साहित्य सृजन कर रही हूं.
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